नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बढ़ोतरी की है। बैंक के इस फैसले के बाद अब नए और पुराने लोन की दरें बढ़ जाएंगी। इसके अलावा होम लोन सहित कई अन्य लोन की EMIs महंगी हो जाएंगी।
एसबीआई ने 1 साल के एमसीआलआर (MCLR) के लिए 7.5 से 7.7 पर्सेंट, 1 से 2 साल के लिए 7.7 से 7.9 पर्सेंट और 1 से 3 साल के लिए 7.8 से 8 पर्सेंट की बढ़ोतरी की है जबकि ओवरनाइट MCLR रेट में 7.15 से 7.35 पर्सेंट की वृद्धि की है। पिछले ही महीने जुलाई में SBI ने अलग-अलग टेन्योर के लिए फंड बेस्ड लेंडिंग रेट को 10 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया था।
कई बैंकों ने बढ़ाई दरें
MCLR रेट में बढ़ोतरी का मुख्य कारण पिछले महीने आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग में रेपो रेट को 50 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने का निर्णय था। आरबीआई ने महंगाई को काबू करने के लिए रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की जो अब 5.40 प्रतिशत हो गई है। पिछले महीने की शुरुआत में आईसीआईसीआई बैंक (ICICI) ने सभी टेन्योर के लिए MCLR रेट में बढ़ोतरी की है। इंडियन बैंक (Indian bank) ने भी अपने MCLR रेट में बढ़ोतरी की है जो 3 अगस्त से लागू है।
SBI ने पिछले सप्ताह बढ़ाया है एफडी रेट्स
एसबीआई ने पिछले सप्ताह ही रिटेल फिक्सड डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज दरों को बढ़ा दिया है। एसबीआई ने अलग-अलग टेन्योर के लिए किए गए एफडी पर अलग–अलग ब्याज दर दे रहा है। एसबीआई सामान्य नागरिकों के लिए 7 दिन से 10 साल तक के टेन्योर के लिए किए गए एफडी पर 2.90 पर्सेंट से 5.65 पर्सेंट तक ब्याज दे रहा है। वहीं सीनियर सिटीजन के लिए एसबीआई इतने ही टेन्योर के लिए 3.40 पर्सेंट से 6.40% पर्सेंट तक ब्याज दे रहा है।
नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बढ़ोतरी की है। बैंक के इस फैसले के बाद अब नए और पुराने लोन की दरें बढ़ जाएंगी। इसके अलावा होम लोन सहित कई अन्य लोन की EMIs महंगी हो जाएंगी।
एसबीआई ने 1 साल के एमसीआलआर (MCLR) के लिए 7.5 से 7.7 पर्सेंट, 1 से 2 साल के लिए 7.7 से 7.9 पर्सेंट और 1 से 3 साल के लिए 7.8 से 8 पर्सेंट की बढ़ोतरी की है जबकि ओवरनाइट MCLR रेट में 7.15 से 7.35 पर्सेंट की वृद्धि की है। पिछले ही महीने जुलाई में SBI ने अलग-अलग टेन्योर के लिए फंड बेस्ड लेंडिंग रेट को 10 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया था।
कई बैंकों ने बढ़ाई दरें
MCLR रेट में बढ़ोतरी का मुख्य कारण पिछले महीने आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग में रेपो रेट को 50 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने का निर्णय था। आरबीआई ने महंगाई को काबू करने के लिए रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की जो अब 5.40 प्रतिशत हो गई है। पिछले महीने की शुरुआत में आईसीआईसीआई बैंक (ICICI) ने सभी टेन्योर के लिए MCLR रेट में बढ़ोतरी की है। इंडियन बैंक (Indian bank) ने भी अपने MCLR रेट में बढ़ोतरी की है जो 3 अगस्त से लागू है।
SBI ने पिछले सप्ताह बढ़ाया है एफडी रेट्स
एसबीआई ने पिछले सप्ताह ही रिटेल फिक्सड डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज दरों को बढ़ा दिया है। एसबीआई ने अलग-अलग टेन्योर के लिए किए गए एफडी पर अलग–अलग ब्याज दर दे रहा है। एसबीआई सामान्य नागरिकों के लिए 7 दिन से 10 साल तक के टेन्योर के लिए किए गए एफडी पर 2.90 पर्सेंट से 5.65 पर्सेंट तक ब्याज दे रहा है। वहीं सीनियर सिटीजन के लिए एसबीआई इतने ही टेन्योर के लिए 3.40 पर्सेंट से 6.40% पर्सेंट तक ब्याज दे रहा है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) ने किसानों (Farmers) को राहत देने के लिए बड़ा ऐलान किया है। कैबिनेट की बैठक के बाद आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (Emergency Creditline Guarantee Scheme) परिव्यय को 50,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 5 लाख करोड़ रुपये किया।
नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बढ़ोतरी की है।
नई दिल्ली। अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी हैं तो आपके लिए बेहद जरूरी खबर है। सरकार ने ई-केवाईसी लास्ट डेट 31 जुलाई से बढ़ाकर अब 31 अगस्त कर दिया है।
नई दिल्ली। कंसल्टिंग सर्विसेज से जुड़ी एक कंपनी ने छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। यह कंपनी ईकेआई एनर्जी सर्विसेज (EKI Energy Services ) है। कंपनी के शेयरों ने डेढ़ साल से भी कम में लोगों को मालामाल कर दिया है।